हमारा देश भारत जहाँ एक तरफ हम नई उचाइयों को छू रहा है पूरे और पूरे विश्व में महाशक्ति बनने की इच्छा जाहीर कर चुका है , वही देश की राजनीति न जाने देश को क्या देना चाहती है ?
क्या हर बात पे राजनीति करना अब
हमारे देश के नेताओ और विपछी दलों को सोभा देता है ।
कोई कहता है की काम नही हो रहा कोई
कहता है की किसानों का हक छीना जा रहा वो ये बताए की उन्होने क्या किया ?
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क्या अब कुर्सी के लिए हमारे राजनेता किसी भी हद तक गिरने को तैयार है । अरे इन लोगों ने जब संसार के सबसे पवित्र बंधन माँ और बेटे पे राजनीति कर डाली तो अब आप ये अनुमान लगा सकते है की राजनीति कहाँ और किस दिशा मे जा रही । हमारे प्रधान मंत्री के अमेरिका दौरे पर पूछे गए एक सवाल मे माँ को लेकर भाऊक हो जाना उसको भी कुछ नेता राजनीति से जोड़ कर देख रहे है ।क्या वे इतना गिर गए की माँ के नाम ओपर भी राजनीति कर डाली ।आखिर अगर कोई काम करता है तो उसका हाथ क्यो पकड़ लिया जाता आखिर किसी को सही ढंग से काम क्यू नही करने दिया जाता ।
कितने
शर्म की बात है अरे जब बोलने को कुछ नहीं है तो शांत ही रहे कम से कम अपना स्तर और
नीचा तो न करे ।अभी अहल ही में देश की राजधानी से कुछ ही दूर पे हुई दादरी मे
अफवाहों को लेकर एक व्यक्ति की हत्या को एक हफ्ते हो गये है। और बाकी की राजनीति
के बारे मे आपको पता ही होगा क्योकि मै किसी विशेष दल या नेता के विषय मे कुछ खास
नही कहना चाहता , लेकिन इस घटना पे विवाद अभी खतम नही हुआ है इस पूरे मामले की राजनीति अब
उत्तर प्रदेश से बिहार चुनाव तक पहुच चुका है। और इस बात को लेकर इतनी दिशाहीन
राजनीति हो रही है।ये पूरा देश देख रहा है ।किसी ने दादरी को बाबरी से जोड़ दिया तो किसी ने माँस पे बेतुके बयान देकर राजनीति को गंदा किया ।आखिर ये लोग किस जनता को क्या समझते है ?
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21वी सदी मे हमारे राजनेता क्या लोगों को गुमराह कर पाएंगे जो धर्म
के नाम पे वोट पाने की फिराक मे लगे हुये है हमारे देश की जनता अब जागरूक हो चुकी
है उसको पता है की उसको वोट किसको देना है आखिर ये लोग किसको गुमराह कर रहे है
भोलीभाली जनता को या खुद को ये तो बिहार चुनाव का नतीजा ही बताएगा ।फिलहाल हम
सिर्फ इतना चाहते है की देश मे साफ सुथरी राजनीति हो ।बस राजनीति की सियासत बन्द होनी चाहिए कोई भी किसी को भी कुछ बोल देता है अपशब्दों का प्रयोग बन्द होना चाहिए और अगर नही होता है तो हमारे देश की जनता को अब तो जागना ही होगा आखिर कब तक ऐसे लोगो को चुन कर अपने देश की राजनीति का मज़ाक बनाएँगे ।

