इस देश मे कई ऐसे गंभीर मुद्दे है जिनपर कानून तो बहुत बनाए
गए लेकिन सरकारें ज्यादा ध्यान नही देती कई ऐसी छोटी छोटी बातें है जैसे सफाई ही
ले लीजिये हमारे देश के प्रधान मंत्री जी ने भारत को स्वछ भारत बनाने का अभियान जो
चलाया है, जिसमे क्या नेता और क्या अभिनेता यहाँ तक की क्रिकेट के
भगवान ने इस अभियान का हिस्सा बन कर ये
बता दिया है की अगर इरादे नेक हों तो मंजिल तक पहुँचने से कोई नही रोक सकता ।
प्रधान मंत्री ने लगभग 20 मिनट तक अपनी बातें प्रकट
किं जिसमें कई ऐसे निम्न स्तर की समस्याए
है जो आम जनता के लिए काफी हद तक हानिकारक साबित हो रही है । श्री मोदी ने शारीरिक
अक्षमता , नशा मुक्ति , बाल स्व्छ्ता
जैसी बातों पर ज़ोर दिया । आज कल लोगो के मन मे उठ रहे काले धन को लेकर जो भी सवाल
थे उन्होने लगभग उसका भी समाधान कर दिया उन्होने काले धन को लेकर कहा की वो उसको
लाने में काफी ढृड़ है और गरीबो का पैसा जो ब्लैक मनी के रूप मे दूसरे देशो मे जमा
है उसको ला कर ही दम लेंगे । ये उनके विरोधियों के लिए भी एक मुहतोड़ जवाब था जो की इस मामले मे बोलने का एक अवसर पा गए थे परंतु ‘’मन की बात’’ के बाद उनको भी जवाब मिल ही गया होगा ।
जहां कुछ नहीं था वहाँ एक आशा की किरन तो नजर आने लगी है कहते है ना की डूबते को तिनके का सहारा ही बहुत होता है और जनता को अब इस कार्यक्रम के बाद मोदी जी से और आशाएँ होना जायज है ये तो वक्त ही बताएगा की क्या होता है पर बहुत दिनो के बाद लग रहा है जैसे की अब की हो किसी सरकार ने जनता के लिए ‘’ढंग की बात’’ ।
जहां कुछ नहीं था वहाँ एक आशा की किरन तो नजर आने लगी है कहते है ना की डूबते को तिनके का सहारा ही बहुत होता है और जनता को अब इस कार्यक्रम के बाद मोदी जी से और आशाएँ होना जायज है ये तो वक्त ही बताएगा की क्या होता है पर बहुत दिनो के बाद लग रहा है जैसे की अब की हो किसी सरकार ने जनता के लिए ‘’ढंग की बात’’ ।
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